मेरे ना होने पर तुम्हारा एतराज जताना (शेर ओ शायरियों की दुनिया के कुछ नये किस्से)

मेरे ना होने पर तुम्हारा एतराज जताना
मुझे सुकून देता है
कोई तो है
हां, कोई तो है
जो मेरे ना होने पर फिक्र मंद होता है
......
ये इश्क और इश्क का एहसास
कितना लाजवाब है
चश्म ओ सुकून चाहने वाला ही 
इस दिल की प्यास है

..........

आंखों में एक इंतजार पल रहा है
तुमसे मिलने की राह तक रहा है

कई लम्हों बाद एक मुलाकात तो हो 
तू मेरे साथ हो और ए मौसम
कम से कम हल्की बरसात तो हो 

गुमसुम से रहे एक दूसरे में
और ये इश्क की प्यास बरकरार रहे

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