Love achievement

टूटे दिल के साथ जीने का सलीका सीखते सीखते सीख जाऊंगा
     ना भी सीख पाया तो क्या फर्क पड़ता है
इतना भी कमजोर नहीं कि.....
     तुझे घर बसाता देख मैं भी अपना घर बसाऊंगा
...................


आखिर हम गुनहगार थे भी कि नहीं
कुछ कहे...... मौका देते
कि थी मोहब्बत..... जरा सा भरोसा करतेे
सच में..... पर्दे पर लगेे दाग दाग ही थेे
या फिर.... धूल केे निशा को दाग समझ बैठे

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